Noida News: नोएडा के सेक्टर-122 स्थित पर्थला गांव में एक पांच मंजिला जर्जर इमारत आसपास रहने वाले परिवारों के लिए डर की वजह बनी हुई है। पिछले करीब दो वर्षों से खड़ी यह इमारत कई जगह से कमजोर और क्षतिग्रस्त बताई जा रही है। पड़ोसियों को हर वक्त आशंका रहती है कि अगर इमारत गिरी तो आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। निर्माण में सामने आई खामियां स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत का निर्माण ईंट और पिलर के जरिए किया गया था, लेकिन निर्माण के दौरान कुछ खामियां सामने आने के बाद काम रोक दिया गया। इसके बाद इमारत अधूरी और जर्जर हालत में छोड़ दी गई। आसपास के कुछ मकानों में भी जमीन धंसने और नींव प्रभावित होने की शिकायत सामने आई। प्राधिकरण ने जारी किया नोटिस शिकायत मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने मौके का निरीक्षण किया। इमारत के साथ आसपास के कुछ मकानों को भी असुरक्षित घोषित करते हुए नोटिस चस्पा किए गए। स्थानीय लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए मुनादी भी कराई गई। पड़ोसियों का आरोप है कि इमारत का मालिक सतीश यादव इसे छोड़कर दूसरी जगह रह रहा है। वहीं, प्रभावित परिवारों का कहना है कि आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे किराये के मकान में शिफ्ट हो सकें। 16 लोगों का परिवार सहमा शरबती देवी, तेजपाल यादव और बॉबी यादव समेत स्थानीय लोगों ने बताया कि उनका परिवार करीब 16 सदस्यों का है। खतरे को देखते हुए एक मकान खाली कर परिवार को दूसरे छोटे मकान में रहना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दिन-रात इसी डर में गुजरता है कि कहीं अचानक इमारत गिर न जाए।महिलाओं ने बताया कि छोटे बच्चों के साथ इस रास्ते से गुजरना भी डरावना लगता है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जल्द कार्रवाई का दावा नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी एसएम अरुण कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है और नोटिस के साथ मुनादी कराई गई है। उन्होंने संकेत दिया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जर्जर इमारत को गिराने की कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय लोगों को अब प्रशासन के अगले कदम का इंतजार है। रिपोर्ट- सुमित डुंडवारा ये भी पढ़ें: कोर्ट की रोक हटी तो चला बुलडोजर, नोएडा में 7,950 वर्गमीटर जमीन से अवैध निर्माण ध्वस्त